बाबा मोती राम मेहरा जी हिंदी में एक वार जरूर पढ़े


1. कम्बदी कलाई

सुपने विच तुसीं मिले असानूं
असां धा गलवकड़ी पाई
निरा नूर तुसीं हत्थ न आए
साडी कम्बदी रही कलाई,

धा चरनां ते शीश निवाया
साडे मत्थे छोह न पाई,
तुसीं उच्चे असीं नीवें सां
साडी पेश न गईआ काई,

फिर लड़ फड़ने नूं उट्ठ दउड़े
पर लड़ उह 'बिजली लहरा'
उडदा जांदा, पर उह अपणी
छुह सानूं गया लाई:

मिट्टी चमक पई इह मोई
ते तुसीं लूंआं विच लिशके,-
बिजली कून्द गई थररांदी
हुन चकाचूंध है छाई ।
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बाबा मोती राम मेहरा जी हिंदी में एक वार जरूर पढ़े बाबा मोती राम मेहरा जी  हिंदी में एक वार जरूर पढ़े Reviewed by Filmydunniyan on December 26, 2018 Rating: 5
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